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अपने टीनà¤à¤œà¤° बचà¥à¤šà¥‡ के बदलते मूड और वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से आप कैसे डील करें
बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® माता-पिता की जिंदगी का à¤à¤• बहà¥à¤¤ खास मौका होता है। बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤¤à¥‡ देखना पैरेंटà¥à¤¸ को à¤à¤• अलग ही किसà¥à¤® की ख़à¥à¤¶à¥€ से à¤à¤° देता है। बचà¥à¤šà¥‡ का पहला कदम, पहले शबà¥à¤¦, सà¥à¤•ूल का पहला दिन, सब कà¥à¤› मां-बाप के लिठजिंदगी à¤à¤° की à¤à¤• याद बन जाता है।
फिर बचà¥à¤šà¤¾ कदम रखता है टीनà¤à¤œ में। 12-13 साल की उमà¥à¤° को छूते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में बदलाव आने लगता है। हर समय ममà¥à¤®à¥€-पापा के इरà¥à¤¦-गिरà¥à¤¦ घूमने वाले इस बचà¥à¤šà¥‡ को अब अकेले समय बिताना अचà¥à¤›à¤¾ लगने लगता है। ममà¥à¤®à¥€-पापा की हर बात मानने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उनकी बातें अब अचà¥à¤›à¥€ नहीं लगतीं। गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ और चिड़चिड़ापन बà¥à¤¨à¥‡ लगता है।
कई बार ममà¥à¤®à¥€-पापा ये à¤à¥‚ल जाते हैं कि वो à¤à¥€ कà¤à¥€ टीनà¤à¤œà¤° थे। इसीलिठवो बचà¥à¤šà¥‡ के बदलते सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ की वजह से उसे डांटते हैं, कà¤à¥€- कà¤à¥€ तो मार à¤à¥€ देते हैं। ये हरकत बचà¥à¤šà¥‡ को और अधिक विदà¥à¤°à¥‹à¤¹à¥€ बना सकती है। इसीलिठबचà¥à¤šà¥‡ की टीनà¤à¤œ सिरà¥à¤« उसके लिठनहीं, à¤à¤• पैरेंट होने के नाते आपके लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ खास है। बचà¥à¤šà¥‡ के साथ ही आपको à¤à¥€ अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में बदलाव लाने की जरूरत है।
टीनà¤à¤œ में इतने मूडी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाते हैं बचà¥à¤šà¥‡
टीनà¤à¤œ यानि 13 से लेकर 19 साल की उमà¥à¤° जब बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ सारे बदलावों से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥‡ हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हैं हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸à¥¤ à¤à¤• तरफ शरीर में तेजी से बदलाव आते हैं, वहीं ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ उनकी फीलिंगà¥à¤¸ और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं में à¤à¥€ उठा-पटक कर देते हैं। पà¥à¤¯à¤¾à¤°, अटà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾, हरà¥à¤Ÿ होने जैसी फीलिंग अब बचà¥à¤šà¥‡ में पà¥à¤°à¤¬à¤² होने लगती हैं।
जहां à¤à¤• तरफ वो इन फीलिंगà¥à¤¸ और बदलावों को समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश कर रहे होते हैं, वहीं सà¥à¤•ूल में पà¥à¤¾à¤ˆ का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ बà¥à¤¨à¥‡ लगता है। ये पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ और बचà¥à¤šà¥‡ के बदलते सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। हम जानते हैं कि हर कोई इस दौर से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है, लेकिन सोचिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ के लिठये सबकà¥à¤› कितना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता होगा!
धैरà¥à¤¯ रखें
अपने बड़े होते बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• बेहतर परवरिश देने का तरीका है कि आप धैरà¥à¤¯ रखें। टीनà¤à¤œ में वो खà¥à¤¦ इतने बदलावों से गà¥à¤œà¤° रहा है कि उसे आपसे सहयोग की जरूरत है। à¤à¤• पैरेंट होने के नाते आप उनकी सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसमें मदद कर सकते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ और उनकी परेशानियों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से समà¤à¥‡à¤‚। आप समà¤à¥‡à¤‚ कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ या बचà¥à¤šà¥€ इस तरीके से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कर रहे हैं। उनके मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ को लेकर उनपर चिलà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ नहीं।
उनसे उनके मन का हाल पूछें, लेकिन उनपर जवाब देने की जबरदसà¥à¤¤à¥€ ना करें। अगर वो आपको अपनी कोई बात नहीं बताना चाहते तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ताने ना मारें। बस उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ये à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ दिलाà¤à¤‚ कि आप उनके साथ हैं। जब à¤à¥€ वो आपसे बात करने के लिठआà¤à¤‚, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पूरा समय दें। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤°à¥‡à¤¦à¤¨à¥‡ की बजाय खà¥à¤¦ बोलने का मौका दें। इससे वो किसी à¤à¥€ किसà¥à¤® का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° महसूस नहीं करेंगे और आपसे खà¥à¤²à¤•र अपनी बात कह पाà¤à¤‚गे।
फिर à¤à¥€ ना à¤à¥‚लें कि वो हैं तो बचà¥à¤šà¥‡ ही
कई बार अपने गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ और à¤à¥à¤‚à¤à¥à¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ में बचà¥à¤šà¥‡ अपनी हदें कà¥à¤°à¥‰à¤¸ कर जाते हैं और माता-पिता को à¤à¤²à¤¾ बà¥à¤°à¤¾ बोल देते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में संयम बनाठरखें। उनसे कहें कि आप उनका गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ या परेशानी समठसकती हैं लेकिन फिर à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आपसे इस तरह से बात नहीं करनी चाहिà¤à¥¤
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ साफ तौर से समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि उनके शरीर और मन में जो बदलाव आ रहे हैं आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह से समठरही हैं। लेकिन फिर à¤à¥€ कà¥à¤› चीजें हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिलकà¥à¤² बरà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ नहीं किया जाà¤à¤—ा। à¤à¥‚ठबोलना, गाली-गलौज, बड़ों की बेइजà¥à¤œà¤¤à¥€ जैसी चीजें करने पर आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिना डांटे उनकी गलती का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ दिलाà¤à¤‚।
उनपर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करें
इस उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बहà¥à¤¤ करीब होते हैं। परिवार वालों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वो अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ को अपनी परà¥à¤¸à¤¨à¤² बातें बताते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ से उनके दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बारे में बातें करें। यह जानने की कोशिश करें कि कहीं उनकी कोई सहेली या दोसà¥à¤¤ à¤à¤¸à¤¾ तो नहीं जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› गलत करने के लिठउकसा रहा हो।
à¤à¤¸à¤¾ नजर आने पर बचà¥à¤šà¥‡ को आगाह करें। अगर बचà¥à¤šà¤¾ कहता है कि वो कोई गलत काम नहीं कर रहा है, तो उसकी बेवजह जासूसी ना करें। उसपर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करें। कई बार बचà¥à¤šà¥‡ खà¥à¤¦ गलतियां करने के बाद ही सीखते हैं। इसीलिठउसे अपने हिसà¥à¤¸à¥‡ की गलतियां करने का मौका दें।
दूसरे के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से तà¥à¤²à¤¨à¤¾ ना करें
ये गलती लगà¤à¤— सà¤à¥€ माता-पिता जाने-अनजाने में करते ही हैं। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¥€ गलत काम करते हà¥à¤ देखकर हम तà¥à¤°à¤‚त उसे उसकी कà¥à¤²à¤¾à¤¸ के टॉपर, अपने दोसà¥à¤¤ के बचà¥à¤šà¥‡ या किसी पड़ोस के बचà¥à¤šà¥‡ से कमà¥à¤ªà¥‡à¤¯à¤° करने लगते हैं। ‘देखो, शरà¥à¤®à¤¾ जी का लड़का तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में ही है और सà¥à¤•ूल और कोचिंग दोनों जगह टॉप करता है’ ‘तà¥à¤®à¤¸à¥‡ अचà¥à¤›à¤¾ तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ छोटा à¤à¤¾à¤ˆ है, खेलने पर कम और पà¥à¤¾à¤ˆ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाता है’ जैसी बातें à¤à¥‚लकर à¤à¥€ ना कहें। इससे आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खà¥à¤¦ से दूर कर देंगी।
आपको à¤à¥€ समà¤à¤¨à¤¾ होगा कि हर बचà¥à¤šà¤¾ और बचà¥à¤šà¥€ अपनी अलग खासियत के साथ बिलकà¥à¤² अलग होते हैं। जरूरी नहीं है कि हर कोई टॉप ही करे। इसीलिठअपने बचà¥à¤šà¥‡ की खासियत यानि उसका टैलेंट पहचानें और उसे उसी की गति और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ से आगे बà¥à¤¨à¥‡ दें।
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